हरियाणा में मानसून की गतिविधियां अब फिर से बढ़ने की संभावना है। कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के अनुसार मानसून ट्रफ, जो पिछले दिनों हिमालय की तलहटियों की तरफ खिसक गई थी, अब नीचे की ओर आना शुरू हो गई है। इसके असर से हरियाणा में 20 जुलाई देर रात के बाद मौसम बदल सकता है और 21 से 24 जुलाई के दौरान राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में हवाओं व गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
विभाग के अनुसार मानसून की अक्षय रेखा की उत्तरी सीमा इस समय श्रीगंगानगर, रोहतक, हरदोई, वाराणसी, डाल्टनगंज, पुरुलिया, दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल और बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके साथ ही पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से हरियाणा में मानसून को फिर सक्रिय होने में मदद मिल सकती है।
21 जुलाई से 24 जुलाई के बीच हरियाणा में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान बीच-बीच में बादल छाए रहेंगे और कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
मौसम में बदलाव के साथ हवाओं की दिशा में भी परिवर्तन देखने को मिल सकता है। इससे दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।








