Aaj Ka Mausam 28 July 2026: देश के कई हिस्सों में मंगलवार, 28 जुलाई को मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक सहित अनेक क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में भी बादल, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ओडिशा में 25 से 28 जुलाई के बीच कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई थी।
बंगाल की खाड़ी की प्रणाली से पूर्वी भारत में बारिश
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तट के आसपास बनी मौसमी प्रणाली का प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत के मौसम पर दिखाई दे रहा है। समुद्र से लगातार मिल रही नमी और सक्रिय मानसूनी हवाओं के कारण ओडिशा तथा आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं।
मौसम विभाग की 25 जुलाई को जारी जानकारी के अनुसार, इस प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा में 28 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई थी। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण सड़कों पर पानी जमा होने और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय हिस्सों, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बादल छाए रहने तथा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता अधिक हो सकती है।
मध्य भारत में भी मानसून सक्रिय
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मानसूनी हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है। इन क्षेत्रों में दिनभर बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।
कुछ जिलों में कम समय के दौरान तेज वर्षा होने से शहरी इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। किसानों को खेतों में जलनिकासी बनाए रखने और मौसम की स्थानीय चेतावनी पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग ने इससे पहले 23 जुलाई को जारी पूर्वानुमान में उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले तीन से चार दिनों तक सक्रिय मानसूनी परिस्थितियां बने रहने की संभावना व्यक्त की थी।
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उत्तर भारत में कहां होगी बारिश?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में मंगलवार को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों पर मलबा आने का खतरा बढ़ सकता है।
उत्तराखंड के तीर्थयात्रा क्षेत्रों के लिए उपलब्ध मौसम चेतावनी में 28 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश, बिजली चमकने और तीव्र वर्षा के दौर की संभावना बताई गई है। यात्रियों को पहाड़ी मार्गों पर निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सूचना देखने की सलाह दी जाती है।
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, सभी जिलों में एक समान बारिश होने की संभावना नहीं है। कहीं केवल बूंदाबांदी हो सकती है तो कुछ स्थानों पर थोड़े समय के लिए तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
पूर्वी राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बादल छाए रहने की संभावना है।
पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसम
कोंकण और गोवा, दक्षिण गुजरात तथा तटीय कर्नाटक में मानसूनी हवाओं के कारण बारिश जारी रह सकती है। समुद्र के निकटवर्ती क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।
केरल, तेलंगाना, मराठवाड़ा और आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में बारिश का वितरण असमान रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर स्थानीय बादलों से हल्की बारिश या गरज-चमक की गतिविधि देखी जा सकती है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश के कई दौर आने की संभावना है। समुद्र में खराब मौसम की स्थिति बनने पर मछुआरों को स्थानीय चेतावनी का पालन करना चाहिए।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पहाड़ी और नदी घाटी वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर तेज वर्षा से जलभराव या भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है।
बिहार के कुछ हिस्सों में भी बादल छाए रहने, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। पूर्वी जिलों में पश्चिमी हिस्सों की तुलना में बारिश की गतिविधियां अधिक दिखाई दे सकती हैं।
बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
तेज बारिश के समय जलभराव वाली सड़कों और अंडरपास से वाहन निकालने से बचें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग भूस्खलन संभावित मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
मौसम की स्थिति जिले और शहर के अनुसार तेजी से बदल सकती है। इसलिए घर से निकलने से पहले स्थानीय रडार, जिला प्रशासन की चेतावनी और मौसम विभाग का नवीनतम पूर्वानुमान जरूर देखें।








