Sirsa Weather Today 26 October 2026 (सिरसा): हरियाणा के सिरसा जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार, 24 अक्टूबर की शाम तेज आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से रानियां, डबवाली और डिंग क्षेत्र सहित कई गांवों में धान की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में पककर तैयार धान की फसल बिछने और मंडियों में खुले में रखी उपज भीगने से किसानों तथा आढ़तियों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। इस बीच अगले सात दिनों के मौसम पूर्वानुमान में अधिकतर समय मौसम साफ रहने के संकेत हैं, हालांकि 30 अक्टूबर को दोबारा गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बन रही है।
सिरसा में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
सिरसा जिले में शनिवार शाम अचानक मौसम बदलने के साथ तेज हवाएं चलीं और कई इलाकों में बारिश तथा ओलावृष्टि हुई। रानियां, जीवननगर, रंघावा और संगर साधा के आसपास बारिश और ओले गिरने की खबर सामने आई है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार कुछ क्षेत्रों में लगभग आधे घंटे तक बारिश हुई, जबकि ओलावृष्टि करीब पांच मिनट तक दर्ज की गई।
इस बेमौसमी बारिश से खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल प्रभावित हुई। तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर धान की फसल जमीन पर बिछ गई, जबकि ओलों से बालियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
रानियां के साथ डबवाली और डिंग क्षेत्र के किसानों ने भी फसल खराब होने की चिंता जताई है।
Sirsa Weather News : सिरसा के चौपटा में गिरे ओले, यहां-यहां होने वाली है बारिश
मंडियों में रखी धान की ढेरियां भीगीं
बारिश और ओलावृष्टि का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा। सिरसा जिले की कई अनाज मंडियों में खुले में पड़ी धान की ढेरियां और बोरियां भी बारिश में भीग गईं।
इससे धान में नमी बढ़ने और उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
रविवार को किसानों और आढ़तियों को धान सुखाने तथा उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।
स्थानीय समाचार रिपोर्टों में बताया गया है कि मंडियों में बड़ी मात्रा में धान खुले में पड़ा था। हालांकि पूरे जिले में वास्तविक नुकसान का अंतिम सरकारी आकलन अभी सामने नहीं आया है।
धान में अधिक नमी होने से खरीद, उठान और भंडारण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
रानियां में आंधी से पेड़ गिरे, बिजली आपूर्ति प्रभावित
सिरसा जिले के रानियां क्षेत्र में तेज आंधी का असर सड़क और बिजली व्यवस्था पर भी देखने को मिला।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार लहर वाली ढाणी के पास स्टेट हाईवे-32 पर पेड़ गिरने से यातायात लगभग डेढ़ घंटे बाधित रहा।
तेज हवाओं से कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबर है।
रविवार को संबंधित विभागों की टीमों ने सड़क और बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए काम किया।
सिरसा में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम?
26 अक्टूबर को उपलब्ध सिरसा शहर के सात दिवसीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सप्ताह के अधिकांश दिनों में धूप या धुंधली धूप रहने की संभावना है।
हालांकि शुक्रवार, 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
| तारीख | मौसम का अनुमान | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|---|
| 26 अक्टूबर, सोमवार | धुंधली धूप, शुष्क | 32°C | 16°C |
| 27 अक्टूबर, मंगलवार | धुंधली धूप | 33°C | 15°C |
| 28 अक्टूबर, बुधवार | धुंधली धूप | 33°C | 15°C |
| 29 अक्टूबर, गुरुवार | मुख्यतः शुष्क | 31°C | 18°C |
| 30 अक्टूबर, शुक्रवार | कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बारिश संभव | 31°C | 16°C |
| 31 अक्टूबर, शनिवार | धुंधली धूप, शुष्क | 32°C | 17°C |
| 1 नवंबर, रविवार | धूप निकलने की संभावना | 34°C | 16°C |
यह 26 अक्टूबर को उपलब्ध शहर-स्तरीय पूर्वानुमान है। जिले के अलग-अलग गांवों में मौसम और तापमान भिन्न हो सकता है।
30 अक्टूबर को फिर बारिश की संभावना
मौजूदा सात दिवसीय पूर्वानुमान में 30 अक्टूबर को सिरसा के कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बारिश की संभावना करीब 55 प्रतिशत दिखाई गई है।
इस दिन अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
हालांकि यह कई दिन पहले का संभावित मौसम पूर्वानुमान है, कोई पुष्ट भारी बारिश या ओलावृष्टि की चेतावनी नहीं।
28 अक्टूबर के आसपास भी हरियाणा में मौसम बदलने की संभावना कुछ स्थानीय रिपोर्टों में जताई गई है, लेकिन 26 अक्टूबर को उपलब्ध सिरसा शहर के पूर्वानुमान में 28 अक्टूबर के लिए बारिश नहीं दिखाई गई है।
ऐसे में किसानों को जिला-स्तरीय आधिकारिक चेतावनी के अनुसार ही आगे की तैयारी करनी चाहिए।
तापमान में गिरावट से सुबह-शाम बढ़ी ठंडक
24 अक्टूबर की बारिश और ओलावृष्टि के बाद सिरसा जिले में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम तापमान लगभग चार डिग्री गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। अधिकतम तापमान भी लगभग 29 डिग्री तक दर्ज किया गया।
अब सप्ताह के दौरान दिन में तापमान करीब 31 से 34 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जबकि रात और सुबह न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
इससे सुबह और रात के समय ठंडक महसूस हो सकती है, हालांकि दोपहर में धूप रहने पर तापमान बढ़ेगा।
किसानों ने नुकसान के सर्वे और मुआवजे की मांग की
बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के बाद प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल पककर तैयार थी और कई जगह कटाई शुरू हो चुकी थी। ऐसे समय में बारिश और ओले गिरने से पैदावार तथा गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने भी प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन कराकर पात्र किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
हालांकि 26 अक्टूबर तक उपलब्ध रिपोर्टों में पूरे प्रभावित क्षेत्र के लिए अंतिम सरकारी नुकसान आकलन या स्वीकृत मुआवजे की पुष्टि नहीं है।
किसानों के लिए जरूरी मौसम संबंधी सलाह
बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को कटाई और उपज के भंडारण से पहले खेतों की स्थिति जांचनी चाहिए।
मंडियों में रखी धान की ढेरियों और बोरियों को सुरक्षित तथा सूखे स्थान पर रखना जरूरी है। गीली फसल को उपयुक्त परिस्थितियों में सुखाकर ही भंडारण या बिक्री के लिए तैयार करें।
जिन खेतों में पानी जमा है, वहां निकासी व्यवस्था पर ध्यान दें। कीटनाशक का छिड़काव अथवा अन्य कृषि कार्य मौसम की स्थिति और कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करें।
संभावित नुकसान की तस्वीरें, खेत का विवरण और संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखना आगे किसी आधिकारिक सर्वे या आवेदन प्रक्रिया में उपयोगी हो सकता है।
महत्वपूर्ण सूचना: सिरसा में 24 अक्टूबर को हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल प्रभावित होने की खबरें पुष्ट हैं। लेकिन नुकसान का अंतिम प्रतिशत और कुल प्रभावित रकबा सरकारी सर्वे के बाद ही स्पष्ट होगा। अगले सात दिन के पूर्वानुमान में 30 अक्टूबर को बारिश की संभावना है; इसे निश्चित बारिश या नया ओलावृष्टि अलर्ट न समझें।


